पीएम मोदी से अच्छा श्रोता मैंने आजतक नहीं देखा, वे बेहद संवेदनशील व्यक्ति हैं: अमित शाह

पीएम मोदी से अच्छा श्रोता मैंने आजतक नहीं देखा, वे बेहद संवेदनशील व्यक्ति हैं: अमित शाह

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नरेंद्र मोदी को सत्ता संभाले 20 साल से ज़्यादा हो गए हैं. अक्टूबर 2001 में गुजरात का मुख्यमंत्री बनने के बाद मोदी लगातार राज्य और देश की सत्ता के शीर्ष पर काबिज़ रहे हैं. 2014 से उन्होंने देश के प्रधानमंत्री का पद संभाल रखा है. सत्ता में उनके 20 साल पूरे होने के अवसर पर बुधवार को एक किताब का विमोचन किया गया.

केंद्रीय गृह मंत्री और लंबे समय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेहद करीबी रहे अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री के लिए पूरा देश और समाज परिवार के समान है. गृह मंत्री ने कहा कि पीएम अपने परिवार के बारे में नहीं, बल्कि देश के बारे में सोचते हैं और इसलिए शायद ही कोई ऐसा नेता होगा जिसके परिवार को कोई जानता तक नहीं है. प्रधानमंत्री को धुर राष्ट्रभक्त बताते हुए अमित शाह ने कहा कि उनका हर फैसला देश के गरीब से गरीब व्यक्ति को सोच कर होता है.

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री के काम का मूल्यांकन करते समय इस बात को याद रखना चाहिए कि जब वह पहली बार मुख्यमंत्री बने तब तक उन्होंने एक चुनाव नहीं लड़ा था. सत्ता के शीर्ष पर काबिज होने के 20 साल पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक किताब का बुधवार को विमोचन उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने किया. 

विमोचन समारोह में गृहमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की कई निजी बातों को साझा किया. अमित शाह ने कहा कि पीएम मोदी से अच्छा श्रोता उन्होंने आज तक नहीं देखा क्योंकि वह लंबे समय तक बातों को याद रखते हैं . यह बताने के लिए कि प्रधानमंत्री मोदी कितने संवेदनशील हैं, अमित शाह ने एक घटना का भी जिक्र किया. 

अमित शाह ने बताया किस्सा

उन्होंने बताया कि जब वह बीजेपी के अध्यक्ष थे तो प्रधानमंत्री कार्यालय में मोदी के साथ बैठक हो रही थी. बैठक वाले कमरे के बाहर एक मोर बार-बार खिड़की के शीशे पर चोट मार रहा था. यह देखकर प्रधानमंत्री मोदी ने अपने स्टाफ को बुलाया और तुरंत मोर के लिए कुछ खाने का इंतजाम करने को कहा.

इस किताब में 21 जाने-माने लोगों के लेखों का संकलन किया गया है. जिन लोगों के लेखों का संकलन किया गया है, उनमें खुद गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, फिल्म कलाकार अनुपम खेर, लेखक अमीश त्रिपाठी और इंफोसिस प्रमुख नारायणमूर्ति की पत्नी और प्रसिद्ध समाजसेवी सुधा मूर्ति शामिल हैं. किताब की विशेषता यह भी है कि इसकी प्रस्तावना भारत रत्न स्वर्गीय लता मंगेशकर की लिखी हुई है.

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